Gold Price Today : अगर आप सोना या चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह समय आपके लिए काफी दिलचस्प हो सकता है। पिछले डेढ़ महीने में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है। जहां सोना करीब ₹41,000 तक सस्ता हो गया है, वहीं चांदी की कीमतों में भी ₹1.5 लाख से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। ऐसे में बाजार में हलचल तेज है और निवेशक भी सोच-समझकर कदम उठा रहे हैं।
कितना सस्ता हुआ सोना, जानिए पूरा अपडेट
अगर हम हाल के आंकड़ों पर नजर डालें, तो 29 जनवरी 2026 को 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1,75,340 प्रति 10 ग्राम था। वहीं 2 अप्रैल 2026 तक यह गिरकर ₹1,34,293 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। इसका मतलब है कि इस दौरान सोने की कीमत में लगभग ₹41,047 की गिरावट आई है।
यह गिरावट काफी बड़ी मानी जा रही है, क्योंकि इतने कम समय में इतना बड़ा बदलाव आमतौर पर देखने को नहीं मिलता। इससे साफ है कि गोल्ड मार्केट इस समय काफी अस्थिर बना हुआ है।
चांदी की कीमतों में भी आई बड़ी गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है। 29 जनवरी 2026 को चांदी का भाव करीब ₹3,79,888 प्रति किलोग्राम था, जो अब घटकर ₹2,27,813 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है।
यानी चांदी में करीब ₹1.52 लाख की गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट उन लोगों के लिए बड़ा मौका हो सकती है जो चांदी में निवेश करना चाहते हैं या ज्वेलरी खरीदने की सोच रहे हैं।
पिछले एक महीने में क्या रहा ट्रेंड
अगर सिर्फ पिछले एक महीने की बात करें, तो सोने की कीमतों में करीब ₹33,000 प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई है। 2 मार्च 2026 को जहां सोना ₹1,67,471 के स्तर पर था, वहीं अब यह काफी नीचे आ चुका है।
वहीं चांदी की बात करें तो 2 मार्च को इसका भाव ₹2,89,848 प्रति किलोग्राम था, जो अब घटकर ₹2,27,000 के आसपास पहुंच गया है। यानी सिर्फ एक महीने में ही चांदी करीब ₹62,000 सस्ती हो गई है।
क्यों गिर रहे हैं सोने और चांदी के दाम
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सोने और चांदी की कीमतों में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई है। इसके पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं।
सबसे बड़ी वजह है वैश्विक स्तर पर बढ़ता तनाव और युद्ध की स्थिति। आमतौर पर ऐसी परिस्थितियों में लोग सोने में निवेश करते हैं, लेकिन इस बार तस्वीर थोड़ी अलग है। निवेशक इस समय डॉलर की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं, क्योंकि डॉलर मजबूत हो रहा है।
जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बनता है और वे गिरने लगती हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार और तेल की कीमतों का असर
इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी भी एक बड़ा कारण है। तेल महंगा होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ता है, जिससे निवेशकों का सेंटीमेंट बदल जाता है।
युद्ध और आर्थिक अनिश्चितता के कारण बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है, जिसका सीधा असर गोल्ड और सिल्वर की कीमतों पर पड़ा है। यही वजह है कि इनकी कीमतों में इतनी तेज गिरावट देखने को मिल रही है।
क्या अभी खरीदना सही रहेगा?
अब सवाल आता है कि क्या यह समय सोना और चांदी खरीदने के लिए सही है? इसका जवाब पूरी तरह आपकी जरूरत और निवेश के लक्ष्य पर निर्भर करता है।
अगर आप ज्वेलरी खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह समय अच्छा माना जा सकता है क्योंकि कीमतें काफी नीचे आ चुकी हैं। लेकिन अगर आप निवेश के नजरिए से सोच रहे हैं, तो थोड़ा इंतजार करना बेहतर हो सकता है, क्योंकि बाजार अभी भी अस्थिर है।
आगे क्या रह सकता है ट्रेंड
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सोने और चांदी की कीमतें फिर से ऊपर जा सकती हैं, खासकर अगर वैश्विक हालात और बिगड़ते हैं। लेकिन फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
इसलिए निवेश करने से पहले बाजार की स्थिति को समझना और सही समय का इंतजार करना जरूरी है।
Disclaimer
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। सोने और चांदी की कीमतें बाजार की स्थिति, अंतरराष्ट्रीय घटनाओं और अन्य कारकों के आधार पर लगातार बदलती रहती हैं। किसी भी निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि बाजार में जोखिम हमेशा बना रहता है।



