Petrol-Diesel Price Today : अगर आप रोजाना पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों से परेशान रहते हैं, तो आज आपके लिए थोड़ी राहत भरी खबर है। 4 अप्रैल 2026 को देश के ज्यादातर बड़े शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। यानी आज आपको फ्यूल भरवाने के लिए जेब पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कुछ हलचल जरूर देखने को मिल रही है, जिसका असर आने वाले दिनों में पड़ सकता है।
आज क्या है पेट्रोल-डीजल का ताजा भाव
सबसे पहले बात करते हैं आज के ताजा रेट की। दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 और डीजल ₹87.67 प्रति लीटर पर बना हुआ है। वहीं मुंबई में पेट्रोल ₹103.50 और डीजल ₹90.01 प्रति लीटर के आसपास मिल रहा है, जो दिल्ली से काफी महंगा है।
कोलकाता में पेट्रोल ₹105.41 और डीजल ₹92.02 है, जबकि चेन्नई में पेट्रोल ₹100.80 और डीजल ₹92.61 प्रति लीटर के आसपास है।
हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी कीमतें थोड़ी ज्यादा हैं। हैदराबाद में पेट्रोल ₹107.50 और डीजल ₹95.70 है, जबकि बेंगलुरु में पेट्रोल ₹102.96 और डीजल ₹90.99 प्रति लीटर मिल रहा है।
क्यों स्थिर हैं पेट्रोल-डीजल के दाम
अब सवाल उठता है कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव हो रहा है, तो भारत में कीमतें स्थिर क्यों हैं। इसके पीछे एक बड़ी वजह यह मानी जा रही है कि सरकार फिलहाल आम लोगों को राहत देना चाहती है, खासकर चुनावी माहौल को देखते हुए।
तेल कंपनियां भी फिलहाल कीमतों में कोई बदलाव नहीं कर रही हैं, ताकि बाजार में स्थिरता बनी रहे और लोगों पर अचानक बोझ न पड़े।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या चल रहा है
हालांकि देश में कीमतें स्थिर हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात थोड़े अलग हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री रास्तों में आ रही दिक्कतों की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में हल्की बढ़त देखने को मिल रही है।
अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो आने वाले दिनों में इसका असर भारत में भी देखने को मिल सकता है। यानी अभी राहत है, लेकिन भविष्य में कीमतें बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
औद्योगिक डीजल हुआ महंगा
जहां आम लोगों के लिए कीमतें स्थिर हैं, वहीं औद्योगिक इस्तेमाल वाले डीजल के दाम में बड़ा इजाफा हुआ है। सरकारी तेल कंपनियों ने इसकी कीमत में करीब ₹28.22 प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है।
अब यह डीजल ₹137.81 प्रति लीटर के आसपास पहुंच गया है, जो करीब 25% ज्यादा है। इसका असर खासतौर पर उन उद्योगों और व्यवसायों पर पड़ेगा जो बड़े पैमाने पर डीजल का इस्तेमाल करते हैं।
शहरों के हिसाब से क्यों अलग होते हैं दाम
आपने देखा होगा कि हर शहर में पेट्रोल-डीजल के दाम अलग-अलग होते हैं। इसका कारण है राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स और वैट।
हर राज्य का टैक्स स्ट्रक्चर अलग होता है, इसलिए एक ही दिन में अलग-अलग शहरों में कीमतों में फर्क देखने को मिलता है। यही वजह है कि मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों में कीमतें ज्यादा रहती हैं, जबकि दिल्ली में थोड़ी कम होती हैं।
क्या आगे बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम
फिलहाल तो कीमतें स्थिर हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए यह कहना मुश्किल है कि यह स्थिति कितने दिन तक बनी रहेगी। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी होती है, तो भारत में भी फ्यूल के दाम बढ़ सकते हैं।
इसलिए अगर आप नियमित रूप से वाहन चलाते हैं, तो फ्यूल की कीमतों पर नजर बनाए रखना जरूरी है।
आम लोगों के लिए क्या है राहत और चिंता
अभी के लिए राहत की बात यह है कि पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े हैं, जिससे रोजमर्रा के खर्च पर असर नहीं पड़ा है। लेकिन औद्योगिक डीजल के महंगा होने से अप्रत्यक्ष रूप से महंगाई बढ़ सकती है, क्योंकि इसका असर ट्रांसपोर्ट और अन्य सेवाओं पर पड़ेगा।
यानी फिलहाल राहत जरूर है, लेकिन भविष्य को लेकर थोड़ी चिंता बनी हुई है।
Disclaimer
यह लेख उपलब्ध जानकारी और मौजूदा बाजार स्थिति के आधार पर तैयार किया गया है। पेट्रोल और डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार, सरकारी नीतियों और टैक्स के अनुसार बदल सकती हैं। किसी भी निर्णय से पहले आधिकारिक स्रोत या स्थानीय पेट्रोल पंप से ताजा दरों की पुष्टि जरूर करें।



