Petrol Diesel Rates Today : 6 अप्रैल 2026 की सुबह पेट्रोल-डीजल के रेट जारी हो चुके हैं और फिलहाल भारत में आम लोगों के लिए राहत की बात यह है कि कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। लेकिन अगर आप ग्लोबल मार्केट पर नजर डालें, तो वहां हालात बिल्कुल अलग हैं। कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी हैं, जिससे दुनिया के कई देशों में ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। इसके बावजूद भारत में रेट स्थिर बने हुए हैं, जो लोगों के लिए थोड़ी राहत जरूर देता है।
भारत में आज क्या हैं पेट्रोल-डीजल के रेट
अगर आज के रेट की बात करें, तो दिल्ली में इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप पर पेट्रोल ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल ₹87.67 प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं प्रीमियम फ्यूल XP95 पेट्रोल ₹101.89 और XG डीजल ₹91.49 प्रति लीटर पर है। पश्चिम बंगाल के कई शहरों में पेट्रोल की कीमत ₹100 के पार चल रही है, जैसे कोलकाता, हावड़ा और हुगली में पेट्रोल ₹104 से ₹106 प्रति लीटर के बीच बिक रहा है। हालांकि सभी जगहों पर कीमतें फिलहाल स्थिर हैं और कोई नया बदलाव नहीं किया गया है।
दुनिया में क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम
वैश्विक स्तर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेजी का सबसे बड़ा कारण मिडिल ईस्ट में चल रहा तनाव और युद्ध की स्थिति है। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव के कारण कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिससे कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं। इसके अलावा कई देशों में पहले से ही महंगाई का दबाव है, जिससे ईंधन की कीमतों में और तेजी देखने को मिल रही है। पाकिस्तान, श्रीलंका, चीन जैसे देशों में पेट्रोल-डीजल के रेट तेजी से बढ़ चुके हैं।
क्या भारत में भी बढ़ सकते हैं दाम
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल महंगे हो रहे हैं, तो क्या भारत में भी जल्द कीमतें बढ़ेंगी? फिलहाल सरकार और तेल कंपनियां कीमतों को स्थिर बनाए हुए हैं, लेकिन इसके पीछे एक बड़ा कारण यह भी है कि कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पेट्रोल पर करीब ₹24 प्रति लीटर और डीजल पर ₹100 से ज्यादा का घाटा हो रहा है। ऐसे में अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में भारत में भी कीमतें बढ़ सकती हैं।
चुनाव के बाद क्या होगा असर
इन दिनों एक चर्चा काफी आम हो गई है कि देश के कुछ राज्यों में चुनाव होने के कारण पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाए जा रहे हैं। लोगों का मानना है कि जैसे ही चुनाव खत्म होंगे, कीमतों में उछाल आ सकता है। हालांकि सरकार का कहना है कि आम लोगों पर महंगाई का बोझ न पड़े, इसलिए कीमतों को नियंत्रित रखा गया है। यह फैसला उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए लिया गया है, लेकिन यह स्थिति कब तक बनी रहेगी, यह पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर करता है।
कच्चे तेल की कीमतों का हाल
अगर कच्चे तेल की बात करें, तो इस समय ब्रेंट क्रूड करीब 110.72 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 112.27 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच चुका है। यह पिछले कुछ समय में बड़ी तेजी मानी जा रही है। जैसे-जैसे ग्लोबल टेंशन बढ़ रहा है, वैसे-वैसे तेल की कीमतें भी ऊपर जा रही हैं। इसका सीधा असर आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ सकता है।
किन देशों में कितना बढ़ा फ्यूल प्राइस
दुनिया के कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया है। म्यांमार, लाओस और फिलीपींस जैसे देशों में तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें 100% तक बढ़ चुकी हैं। वहीं मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया और यूएई में भी 40% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे साफ है कि यह सिर्फ एक देश की समस्या नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया इस समय महंगे ईंधन से जूझ रही है।
आगे क्या रह सकता है ट्रेंड
आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की कीमतें काफी हद तक कच्चे तेल की चाल और अंतरराष्ट्रीय हालात पर निर्भर करेंगी। अगर युद्ध की स्थिति और बिगड़ती है और सप्लाई में और रुकावट आती है, तो कीमतों में और तेजी देखी जा सकती है। वहीं अगर हालात सामान्य होते हैं, तो कुछ राहत मिल सकती है। फिलहाल लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे घबराएं नहीं और स्थिति पर नजर बनाए रखें।
Disclaimer :
यह जानकारी विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और बाजार आंकड़ों पर आधारित है। पेट्रोल-डीजल की कीमतें समय-समय पर बदल सकती हैं और शहर या राज्य के अनुसार अलग हो सकती हैं। किसी भी निर्णय से पहले संबंधित आधिकारिक स्रोत या नजदीकी पेट्रोल पंप से ताजा रेट जरूर चेक करें।








